Monday, June 7, 2010

आपकी अच्छी सकारात्मक सोंच एक अच्छा जीवन देगा......


हमेशा अपनाएं सकारात्मक व्यवहार ,आपकी अच्छी सकारात्मक सोंच एक अच्छा जीवन देगा .कभी-कभी बड़े युद्ध जीतने के लिए छोटी लड़ाईयां हार जाना बेहतर होता है ।प्रवृत्ति में ही आशावाद या निराशावाद के बीज छिपे होते हैं । समसामयिक परिस्थितियों के प्रति व्यविᆬत का व्यवहार व नजरिया एक खुश और नाखुश व्यविᆬत के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है । यह सही है कि हर समय हर कोई खुश नहीं रह सकता है । लेकिन कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी खुशियां निचोड़ लेने की क्षमता आप में होनी ही चाहिए । निराशावादी लोगों को विभिन्न वस्तुओं या परिस्थितियों के प्रति नजरिए में परिवर्तन लाना चाहिए। आए दिन हम सभी किसी न किसी विषय पर नाराज तो होते ही हैं। कभी-कभी इस कारण पूरा दिन खराब हो जाता है लेकिन बेहतर सोच व समय के साथ भंयकर प्रतीत होने वाली घटनाएं भी छोटी लगने लगती हैं ।
जब आप जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया अपना लेते हैं तो किसी भी कठिन परिस्थिति से निकलना मुश्किल नहीं होता । प्रतिकूल परिस्थितियों निपटने का अच्छा तरीका यह है कि आप सकारात्मक और विजय प्राप्त करने वाले विचारों से काम लें । सकारात्मक विचारों पर अडिग रहने का मतलब होता है आधी जंग जीत लेना । सकारात्मक विचारों को अपनाकर ही सफलता और असफलता के बीच के अंतर को पाट सकते हैं। जरूरी नहीं है कि हर परिस्थितियों में सफलता ही मिले । लेकिन हर परिस्थिति से कुछ न कुछ लाभ तो लिया ही जा सकता है । सकारात्मक व्यवहार हमें सभी तरह की परिस्थिति से वास्तविक मूल्यांकन की क्षमता प्रदान करता है ।
जो भी व्यविᆬत विजेता बनना या अपने व्यविᆬतत्व का विकास करना चाहता है, उसे ज्यादा से ज्यादा ध्यान सकारात्मक व्यवहार पर केंद्रित करना चाहिए । इससे सभी तरह की उपलब्धियों को प्राप्त करने में सहायता मिलती है । सभी तरह की सुख-सुविधाओं का मालिक होने का मतलब सिर्फ खुशियां ही आपके हिस्से में हो, जरूरी नहीं है । सकारात्मक प्रवृति वाला व्यविᆬत सीमित आय में धनी व्यविᆬत की अपेक्षा ज्यादा खुश रह सकता है । जीवन को बदलने के लिए हमें खुद के बारे में बनाई गई धारणाओं को भी बदलना पड़ता है । जब हम अपनी सोच, व्यवहार और मान्यताओं में बदलाव लाते हैं तो पूरा जीवन स्वत: ही बदलने लगता है।
अपनी सोच को सही तरीके से सपनों को पूरा करने के लिए अमल में लाने का प्रयास करें । हर व्यविᆬत के अपने सपने होते हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण होते हैं । एक अच्छी सोच के बावजूद डरते हैं कि कहीं लोग हम पर हंसेंगे, यह जानकर आश्चर्य होगा कि ज्यादातर लोग अपने सपने इसलिए नहीं पूरे कर पाते क्योंकि वे उनके टूट जाने या पूरा न हो पाने के डर से परेशान रहते हैं । युवाओं को स्वयं से कहना होगा कि उनमें सपनों को पूरा करने की क्षमता है और आप उन्हें पूरा होता देखेंगे ।
अपनी गलतियों से हार न मानें.आपके कार्य की कई बार आलोचना की जाती है । यह आलोचना आपको अवसर प्रदान करती है अपनी कार्य क्षमता में सुधार लाने का । गलतियां सभी से होती हैं, मगर सफलता उन्हीं को मिलती है, जो गलतियों से सीखते हैं । जीवन में आपको ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे, जो आपकी सदैव आलोचना करेंगे । वे आलोचना करने के लिए ही बने हैं । इन सभी बातों को नजरंदाज करते हुए अपने काम को साबित करने का प्रयास करें । अपने ऊपर गलतियां हावी न होने दें । आगे बढ़कर काम सीखने और उस पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास करें
सफलता प्राप्त करने के लिए नेतृत्व का गुण आवश्यक है, जिससे किसी कार्य को करने की पहल कर सकें । साथ ही उस पर नियंत्रण रखें और उस कार्य को बीच में न छोड़ें । नेतृत्व अच्छे बुरे की समझ देता है और विपरीत परिस्थितियों में नियंत्रण करने में सहयोग देता है, जिससे हार का मुंह न देखना पड़े । जीवन में ऐसे ही मोड़ आते हैं, जब हम परिस्थितियों और प्रयासों के बीच संतुलन स्थापित नहीं कर पाते और ऐसे में हमारा नेतृत्व कभी-कभी असफल हो जाता है । युवाओं को याद रखना चाहिए कि कोई भी कम्पलीट नहीं होता है । यदि कभी असफलता हाथ भी लगे तो समस्या को गंभीर होने से रोकने का प्रयास करें और कार्य को पूरा करने की सामर्थ्य रखें । यही वास्तविक नेतृत्व है ।
विद्वानों का कहना है कि यदि आपके बारे में कोई गलत बात कही जाती है और इसमें अगर सत्यता हो तो सब से पहले हमें अपने आप में सुधार करना चाहिए । यदि यह असत्य है तो इसे हंस कर टाल देना चाहिए । जब हताशा से भरे लोग आप पर बार-बार हमला करते हों तो ऐसी स्थिति में खुद पर काबू करना मुश्किल हो जाता है । एकाग्र चित्त और उत्साहित रहना भी कठिन हो जाता है । विभिन्न तरह के लोग अपने द्वारा किये गये व्यवहार या असहयोगात्मिक शब्दों के प्रति अलग-अलग सिद्धान्त अपनाते हैं । ऐसा आपके परिवार और दोस्तों के बीच भी होता है । यह सोचना अव्यवहारिक ही होगा कि आपके सपने को पूरा करने में सभी लोग आपकी सहायता करेंगे । जरूरी यह है कि आप किसी से सहयोग न मिलने की स्थिति के लिये सदा तैयार रहें । जीवन की कठिन परिस्थितियों के लिए आपको शमिर्ंदा होने की जरूरत नहीं है । यदि कोई आपको नीचा दिखाने की कोशिश करता है तो इससे परेशान हुए बिना ऐसी बातों को नजर अंदाज कर दें । इन बातों पर ध्यान देने की बजाय अपने दृष्टिकोण को आगे रखने का प्रयास करें । आपको अपनी लड़ाई के हथियार चुनते समय बेहद सावधानी और बुद्धिमानी से कदम उठाने चाहियें ।कभी-कभी बड़े युद्ध जीतने के लिए छोटी लड़ाईयां हार जाना बेहतर होता है ।
अपने सपने को जीवंत बनाने के लिए इसके आत्मीय पहलूओं का ध्यान रखें । अपनी योग्यता तथा शक्ति को पहचाने । यदि कोई आपकी सफलता से जलता है या क्रोधित होता है तो होने दीजिए क्योंकि यह एक स्वाभाविक मानवीय प्रवृति है । इस तरह के लोग जो करना चाहते हैं उन्हें करने दीजिए, ऐसे लोग दूसरों की गलतियां निकालने या गप हांकने में समय बर्बाद करने के सिवा और कुछ नहीं कर सकते ।
जो लोग सफलता प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें डरने की जरूरत नहीं है । यदि आप जरूरत के अनुसार स्थितियों को बदलना चाहते हैं तो अपने वर्तमान की परिस्थितियों में बदलाव कीजिए । सफलता पाने वाले व्यक्ति किसी चीज को करने का साहस रखते हैं इसलिए उनके सपने वास्तव में साकार होतें हैं । सफलता के साथ प्रतिद्वंद्धि पैदा होने सामान्य बात है । जैसे किसी व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए जरूरी हो जाता है कि किसी न किसी को पीछे छोड़े । कुछ लोग अपनी सफलता के प्रति हीन भावना से ग्रस्त होते हैं और अपना ज्यादा समय दूसरों की योग्यता या सफलता से अपने आपको बेहतर साबित करने में बर्बाद कर देते हैं । अपने लिए की गई शिकायतों पर सदा ध्यान दें क्योंकि यह आपको दूसरों से बेहतर बनने में सहायक होती है
अपनी उपलब्धियों या सफलताओं पर बहस करने की जरूरत नहीं है । यदि आप ऐसा करते हैं तो यह आपके आत्मविश्वास को घटाता है । अपनी सफलताओं को उचित ठहराने की बजाय अपने लक्ष्य को पाने के लिए अपने अनुभव और क्षमताओं को सही दिशा में बढ़ाएं । हमेशा यह याद रखें कि हमें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होती है, इसके लिए किसी दूसरे का सहयोग काम नहीं आता । यदि कोई दूसरा व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहता है तो यह जरूरी नहीं कि उस लक्ष्य को पाने में आप भी असफल हो जाएगें । जरूरी है कि आप लक्ष्य को पाने के लिए उससे कड़ी मेहनत करें और यह भूल जाएं कि दूसरों को किस तरह कि समस्या का सामना करना पड़ा । किसी भी लक्ष्य को पाने में सब से बड़ी समस्या नकारात्मक चीजें होती हैं । इसलिए इसको कभी अपने ऊपर हावी ना होने दें । कुछ लोग अपमानजनक प्रश्नों के द्वारा हमें नीचा दिखाने की कोशिश करतें हैं । जैसे आप अपने व्यवसाय में अच्छा नहीं कर पातें या पैसा नहीं कमा पाते तो तब क्या करेंगें ? इस तरह के लोग सोचते हैं कि मैं इनसे श्रेष्ठ हूं इसलिए यह मेरा अधिकार है कि वे मुझे व्यक्तिगत बातें बताएं । इस तरह के लोगों से निपटने के लिए आप कुछ तरीके अपना सकते हैं । आप इनके रास्तें में खुद हट जाएं या अपने तीक्ष्ण बुद्धि की धार से इन्हें हटा दें । किसी भी चीज से पीछा छड़ाने के लिए हमेशा यह कहें कि मैं इस विषय पर बात नहीं करना चाहता हूं या यह मामला खत्म हो गया है । इस तरह की बातों के प्रति यह भी कहा जाता है कि मैं अपने आपको इस विषय में बात करने में असहज महसूस कर रहा हूं । यदि आपका ऐसे लोगों से सामना होता है जो आपसे यह जानना चाहते हैं कि असफल होने पर आप क्या करेंगें तो उनसे आप सीधे कहें कि मैं अपना काम बहुत अच्छी तरह से कर रहा हूं । मुझे अपनी जिन्दगी में जितना पैसा चाहिए उससे ज्यादा आराम से कमा रहा हूं । आप उनसे कहें कि आप अभी कितना कमाते हैं या आपकी पत्नी का स्वास्थ्य कैसा है या आपके बच्चे ने पिछली परीक्षा में कितने अंक लिये थे इत्यादि । यदि ऐसे लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आये तो उनसे सीधे कहें कि आप मुझसे इस तरह का प्रश्न कई बार कर चुके हैं । यदि आप इन बातो पर ध्यान दें तो इस तरह की परिस्थितियों से निकल सकते हैं । जब यह तरीका भी काम न करें तो आप उस जगह से कुछ बहाना बना कर निकल जाएं ।
जिन्दगी समझौते का दूसरा नाम है । जो हम सोचते हैं या जो चीज पाना चाहतें हैं वह हमेशा हमें नही मिलती । कभी-कभी लोग किसी चीज को पाने की योग्यता रखतें हैं लेकिन अपनी योग्यता को कम करके आंकतें हैं । द्वेषपूर्ण प्रतियोगिता से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, अपने आपको सर्वश्रेष्ठ साबित करना । कोई माने या न माने आपकी सफलता आपकी सफलता आपको जरूर मान्यता देगी । दूसरो द्वारा की गई प्रशंसा अथवा निंदा में पड़ने की आवश्यकता नहीं है । सफल होने के लिए आपको लोगों के प्रमाण पत्र पाने की कोई जरूरत नहीं है । आप अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए सदा आगे बढ़ते रहें सफलता जरूर मिलेगी ।
कभी-कभी बड़े युद्ध जीतने के लिए छोटी लड़ाईयां हार जाना बेहतर होता है ।
......आमोद कुमार,
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान

1 comment:

Er. AMOD KUMAR said...

कितने छोटे हैं वे मोर्चे
उस लड़ाई के आगे
वे सामरिक चालें
जो इनसानियत के सन्दर्भ में इनसान लड़ता है।